Wednesday, February 17, 2010

जन्म-समय का आप पर प्रभाव

जन्म-समय सुबह 4 से 6 बजे
आपका सूर्य पहले घर में मौजूद है। यह आपको अच्छा स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दे रहा है। आप किसी भी बात को लेकर दृढ़ संकल्पित रहते हैं और आपका भविष्य अच्छा है।

जन्म समय सुबह 6 से 8 बजे
आपका सूर्य 12वें घर में है, यह आपकी जिंदगी में ऐसे रहस्यपूर्ण बदलाव लाएगा जिसकी व्याख्या करना मुश्किल है। सख्त दिनचर्या अपनाएं और अपने दिमाग को शांत बनाए रखें। आय के मुकाबले खर्च अधिक हो सकते हैं।

जन्म समय सुबह 8 से 10 बजे
आपका सूर्य 11वें घर में है। इसके मायने हैं कि आपके ढेर सारे दोस्त होंगे, सामाजिक संबंध बनाने के लिए आपको पैसों की जरूरत होगी। ज्यादातर समय शुभचिंतकों और दोस्तों से हाल-चाल जानने में ही बीतेगा। आपको लगेगा कि आप जितने के हकदार हैं, उससे कहीं अधिक हासिल कर रहे हैं।

जन्म समय सुबह 10 से 12 बजे
आपका सूर्य 10वें घर में मौजूद है। पश्चिमी और भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह सूर्य का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। आप अपने प्रोजेक्ट्स और प्लान्स को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। आप सर्वश्रेष्ठ साबित होंगे। शक्ति का दुरुपयोग आपको परेशानी में डाल सकता है।

जन्म समय दोपहर 12 से 2 बजे
आपका सूर्य 9वें घर में है। यह स्थिति आपके यात्रा से भरी जिंदगी जीने, दार्शनिक, धार्मिक, तेज दिमाग, परोपकारी स्वभाव और प्रसिद्ध होने की ओर संकेत करती है। 9वां घर अच्छे भविष्य का है और आप भाग्य को अपने ऊपर मुस्कुराता महसूस कर सकते हैं। आपका स्वभाव परोपकार और दयालुता से भरा है।

जन्म समय दोपहर 2 से शाम 4 बजे
आपका सूर्य आठवें घर में है जो कि मुद्रा संबंधी मामलों जैसे ऋण, ट्रस्ट, सार्वजनिक फंड, बैंक आदि में खास दखल होने का संकेतक है। कई ज्योतिषी इसे सेक्स और दुर्घटनाओं से भी जोड़कर देखते हैं। कानूनी मसलों का सामना करना पड़ सकता है।

जन्म समय शाम 4 से 6 बजे
आपका सूर्य सातवें घर में है, जिसे सामान्यत: साझेदारियों का घर कहा जाता है। शादी आपको दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक प्रभावित करेगी। इसलिए इसे सफल बनाने का प्रयास करें, भले ही इसके लिए आपको कठिन मेहनत क्यों न करनी पड़े। ऐसे पेशे या व्यवसाय को चुनें जो आपको लोगों से सीधे संपर्क करने की आजादी देता हो। चूंकि सातवां घर आपके दुश्मनों का भी है, ऐसे में कानूनी दिक्कत आ सकती हैं।

जन्म समय शाम 6 से रात्रि 8 बजे
आपका सूर्य छठवें घर में है, इसका मतलब यह है कि आपकी जिंदगी का बहुत कुछ साथियों और अधीनस्थों से आपको मिलने वाले सहयोग पर निर्भर करेगा। यह समाजसेवा की ओर भी संकेत करता है और आपको लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। अत्यधिक सतर्कता और परिश्रमी होने की आपकी आदत आपको लंबे समय तक कामयाबी और सम्मान दिलाएगी।

जन्म समय रात्रि 8 से 10 बजे
आपका सूर्य पांचवें घर में मौजूद है जो आपको कलाकार वाली क्षमता और कौशल देगा। यह आपको जिंदगी के प्रति आशावादी नजरिया और मौके तलाशने की इच्छाशक्ति देगा। आपकी रुचि व्यवसाय में तब्दील हो सकती है। आप स्टेज और वास्तविक जिंदगी, दोनों में अभिनय करने वाले महान प्रेमी साबित हो सकते हैं, लेकिन इसके अतिरेक से बचें।

जन्म समय रात्रि 10 से 12 बजे
आपका सूर्य चौथे घर में है जो घर और संपत्ति के लिहाज से बेहतरीन स्थान है। आप जमीन, रियल एस्टेट से लाभ अर्जित कर सकते हैं। आपके अभिभावक आपकी जिंदगी को बनाने या बिगाड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभा सकते हैं।

जन्म समय रात्रि 12 से 2 बजे
आपका सूर्य तीसरे घर में मौजूद है जो आपकी बौद्धिक क्षमता, यात्रा करने की चाहत और उच्च स्तर के रोमांच को दर्शाता है। आप पत्रकारिता या टीवी जर्नलिज्म से जुड़ सकते हैं। आपके भाई-बहन और पड़ोसी या तो आपको बना देंगे या बिगाड़ देंगे, लेकिन यह निश्चित है कि इनका आपके जीवन पर गहरा प्रभाव रहेगा। सूर्य की स्थिति आपको बेहतरीन सामाजिक जीवन देगी।

जन्म समय रात्रि 2 से तड़के 4 बजे
आपका सूर्य दूसरे घर में है। यह वित्त और परिवार का घर है। इसका मतलब है कि आप पैसे बनाने में कामयाब होंगे, भले ही आप इसे संभाल न पाएं। भारतीय ज्योतिष में दूसरे घर को वाककला और भोजन का घर माना जाता है। आप एक महान वक्ता हो सकते हैं, आपके पास पैसा भी होगा।

Tuesday, February 16, 2010

व्यवस्थित घर में आती है सुख और संपदा

व्यवस्थित घर सुख ही नहीं, बल्कि समृद्धि भी देता है जबकि अव्यवस्थित घर न केवल परेशानियां देता है बल्कि झगड़ों, स्वास्थ्य समस्याओं समेत बेवजह धन और ऊर्जा का अपव्यय भी करवाता है। अत: घर में कभी फालतू चीजें नहीं रखें, सामान को बिखराकर नहीं रखें।

हमारी सनातन परंपरा में घर को आश्रम का दर्जा दिया गया है। गृहस्थी को साधना से कम नहीं माना गया है। जिस घर में साजो सामान व्यवस्थित हो, जो चीज जहां चाहिए, वहीं हो तो ऐसा व्यवस्थित घर सुख ही नहीं, बल्कि समृद्धि भी देता है जबकि अव्यवस्थित घर न केवल परेशानियां देता है बल्कि झगड़ों, सिरदर्द, बेवजह दिक्कतों के साथ-साथ धन और ऊर्जा का अपव्यय भी करवाता है।

वास्तुशास्त्र वस्तुत: गृह-निर्माण में संतुलन पर सर्वाधिक जोर देता है। निर्माण के समय दिशा, काल और स्थान के अनुसार जो चीज जहां पर होनी चाहिए, तद्नुसार ही नियमों का निर्देश किया गया है। घर से बड़ा कोई स्वर्ग नहीं, ऋषि-मुनि ही नहीं, देवता तक गृहस्थ के आश्रित कहे गए हैं। गृहस्थ को यह निर्देश है कि वह परिवार में स्थान, वस्तुओं के संतुलन के साथ ही वैचारिक समरसता भी बनाए रखें।

वास्तुमंडनम् के दूषणभूषणाध्याय में गृह और गृहस्थी के नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। इसमें कहा गया है कि घर में कभी फालतू चीजें नहीं रखें, सामान को बिखराकर नहीं रखें। रसोई के बर्तनों से लेकर पुस्तकों, बनाव-श्रंगार के सामान, कांच, कंघी तक को व्यवस्थित रखें। इनके बिखरे होने पर संपत्ति का क्षय होता है। जिस घर में महिलाओं के केश उड़ते रहते हैं, वहां मर्यादा का उल्लंघन होता और लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है।

जहां बार-बार नमक बिखरता हो, वहां परस्पर विवाद होते हैं और बच्चे आपस में भिड़ते हैं, पति-पत्नी में विवाद होता है। जहां बर्तन बेतरतीब पड़े रहते हैं, वहां झगड़े अधिक होते हैं। जिस घर में नियमित बिल-छिद्रों का भरण नहीं होता और चूहे-चींटियां निकलते हों, उस घर से संपदा का क्षरण होता है और बच्चों पर संकट आता है। यदि घर की सुंदरता पर ध्यान दिया जाए तो लक्ष्मी को मनाया जा सकता है। इस कार्य में महिलाओं की भागीदारी की बात महाभारत के अनुशासन पर्व में भी आई है-
प्रकीर्ण भांडामनवेक्ष्य कारिणीं सदा च भतरु: प्रतिकूल वादिनीम्। परस्य वेश्माभिरतामलज्जामेवं विधा ता परिवर्जयामि।

फेंगशुई में भी ऐसी अव्यवस्थाओं को नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाली कहा गया है। साथ ही सकारात्मक विचारों के लिए घर को नियमित और पूरी तरह व्यवस्थित करने पर जोर दिया जाता है, मूलत: यह विचार भारतीय आदर्श से प्रेरित है। इसीलिए हमारे यहां पर्व-त्योहार आदि के आगमन के मद्देनजर सर्वप्रथम घर की साज-संभाल करने का विचार निहित है। वस्तुत: यह नियमित होना चाहिए। इसमें सुख और समृद्धि का गहरा राज छिपा है।


डॉ. श्रीकृष्ण ‘जुगनू'

ज्योतिषियों की सलाह पर चलती जिंदगी

साइंस और टैक्नोलॉजी के इस युग में भी छोटे से लेकर बड़े-बड़े निर्णय ज्योतिषियों से पूछ कर ही लिए जा रहे हैं। बड़ी-बड़ी कॉपरेरेट कंपनियां नए ऑफिस के लिए जगह खरीदने से पहले, भूमि-पूजन, बिल्डिंग का निर्माण, नए ऑफिस में शिफ्ट होने से पहले ज्योतिषियों और वास्तु विशेषज्ञों की राय लेना नहीं भूलतीं। ऑफिस का कलर कंबीनेशन, फर्नीचर, बॉस के बैठने की जगह आदि सबकुछ वास्तु विशेषज्ञ और ज्योतिषि ही तय करते हैं।

टेस्ट और फैशन की दुनिया में भी ज्योतिषियों की घुसपैठ है। यही नहीं कुछ लोग रोगों का निवारण भी ज्योतिषि की सलाह पर कर रहे हैं। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने खान-पान और सेहत की तरफ प्रॉपर ध्यान नहीं दे पाते। यही कारण है कि उनका विश्वास ज्योतिषियों पर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।

लोगों की ड्रैस तक ज्योतिषि तय कर रहे हैं। हर न्यूज चैनल से लेकर अखबारों में पंडितों की राय के न्यूज पैकेज दिए जा रहे हैं। इसमें राशियों के हिसाब से इंसान की पसंद के खान-पान, ड्रैस, रंग और कई ऑस्पैक्ट बताए जा रहे हैं। इंटरव्यू और एग्जाम के लिए ड्रैस भी ज्योतिषि डिसाइड कर रहे हैं।

राशि के हिसाब से खरीदें ड्रैस
मुंबई का लाइफ स्टाइल चेने स्टोर्स एक ऐसा बुकलेट तैयार कर रहा है, जिसमें लोगों की राशि के हिसाब से ड्रैस कलर दिए गए हैं। इसमें 27 डिजाइनर, ज्योतिषियों से सलाह-मशवरा करके ड्रैसेज तैयार कर रहे हैं। पंडित विनय जेतली का कहना है कि मीन राशि के लोगों को पीले, सफेद और लाल रंग के परिधान पहननें चाहिए। वहीं वृश्चिक राशि के लोगों के लिए लाल और पीले परिधान सेहत के लिए बिलकुल ठीक रहेंगे।

सिंह राशि के लोग नारंगी, पीले और गेहूं रंग के परिधान धारण करे, तो ये उनकी सेहत और स्वभाव का भी ध्यान रखते हैं। इसी तरह हर राशि के लोगों के लिए अलग-अलग परिधानों को पहनने से उनकी नकारात्मक किरणों का प्रभाव कम रहता है और पॉजीटिव एनर्जी मिलती है।

पार्टनर का चुनाव राशि के आधार पर
ज्योतिषि परषोतम साहनी ने बताया कि आजकल बिजनेस पार्टनर का चुनाव भी राशि के आधार पर किया जा रहा है। बिजनेस शुरू करने से पहले वे इस बात का पता करते हैं कि किस राशि से संबंधित व्यक्ति से उनमें आपसी तालमेल के साथ बिजनेस में मुनाफा होगा।

विदेश जाने से पहले लेते हैं सलाह
पंडित लक्ष्मी नारायण का कहना है कि विदेश में सेट होने और बिना रुकावट विदेश पहुंचने के लिए लोग पहले उनसे सलाह लेते हैं कि ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से वह किस दिन और किस समय घर से निकलें, ताकि कारोबार के साथ-साथ उनकी विदेश यात्रा भी सफल रहे। पंडित विजय कुमार भोला ने बताया कि उनके पास ऐसे बहुत से लोग आते हैं जो अपने करियर और जॉब को लेकर सलाह लेते हैं। इनमें कई बड़े स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।

मैडिकल एस्ट्रोलॉजी से बीमारी दूर
मैडिकल एस्ट्रोलॉजर रचना शर्मा ने बताया कि 15 साल से मैडिकल एस्ट्रोलॉजी करते हुए उन्होंने कई लोगों को ठीक किया है। उन्होनें बताया कि दिल की नसें ब्लॉक होने वालों को सनेबहराव पहनना चाहिए। जिन लोगों का ब्लड प्रैशर लो है, उन्हें तांबे का कड़ा पहनना चाहिए, किडनी की बीमारी वालों को दाना फिंरग चांदी में डालकर पहनने से काफी आराम मिलेगा। अस्थमा के पेशेंट्स को सुच्चा मोती और पन्ना पहनना चाहिए।

अल्सर ठीक हो गया
अमित ने बताया कि उन्हें अल्सर था। मैडिकल एस्ट्रोलॉजर की सलाह पर उन्होंने सफेद मूंगा और सुच्चे मोती को धारण किया, जिससे उन्हें काफी आराम मिला। अब वह बिलकुल ठीक हैं।

हाउस वाइफ अनीता ने बताया कि उनकी एक फ्रैंड ने जब उन्हें बताया कि राशि के हिसाब से आजकल ज्योतिषि ड्रैस कलर का सुझाव देते हैं, तो उन्होंने भी काफी समय से ज्योतिषि की सलाह पर ही ड्रैस कलर चूज करना शुरू किया। इससे उन्हें काफी फायदा भी मिला है।