Saturday, January 9, 2010

सुखी दांपत्य जीवन : सितारों की भूमिका

हम बता रहे हैं नव वर्ष में सुखी और सुंदर दांपत्य जीवन की मनोकामना पूर्ण करने के लिए कुछ सरल उपाय।

मेष लग्न :

मेष का दाम्पत्य सुख का कारक ग्रह शुक्र होता है। ये लोग दांपत्य सुख के लिए निम्न उपाय करें - गाय व पक्षियों को चावल खिलाएं। चावल उबालकर, पकाकर देसी घी डालकर पक्षी को दें। गाय को प्रतिदिन दो रोटी तेल लगाकर दें। घर में बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान करना चाहिए व आशीर्वाद लेना चाहिए।

वृष लग्न :

वृष लग्न में कारक ग्रह मंगल होता है। वृष लग्न के जातक लाल कपड़े में (सूती, चमकीला न हो) थोड़ी सी सौंफ बांधकर अपने शयनकक्ष में रखें। लाल चंदन का तिलक ललाट पर लगाएं। मंगलवार को हनुमान मंदिर में लाल चंदन दें। नया जूता-चप्पल जनवरी-फरवरी के महीने में न खरीदें।

मिथुन लग्न :

मिथुन लग्न में कारक ग्रह गुरु होता है। दांपत्य सुख के लिए ये गुरुवार का व्रत रखकर एक समय भोजन करें। प्रतिदिन तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक संध्या समय दो लौंग डालकर जलाएं व प्रणाम करें। रविवार को यह उपाय न करें। दाम्पत्य सुख के लिए माथे पर गोपीचंदन का टीका लगाना चाहिए।

कर्क लग्न :

कर्क लग्न में कारक ग्रह शनि होता है। इनका दाम्पत्य जीवन बहुत सुखी नहीं कहा जा सकता। दांपत्य सुख के लिए इन्हें प्रत्येक शनिवार को प्रात:काल पीपल वृक्ष के समक्ष तिल्ली के तेल का दीपक जलाना चाहिए। शनिवार व मंगलवार शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ हनुमान मंदिर जरूर जाना चाहिए।

सिंह लग्न :

सिंह लग्न में कारक ग्रह शनि होता है। ऐसे में निम्न उपाय करें-शनिपुष्य योग में नाव की कील का छल्ला बनवाकर मध्यमा उंगली में पहनें। राधाकृष्ण की मूर्ति के सामने तुलसी का पौधा एवं गंगाजल रखें। उसमें दो पत्ते तुलसी के डाल दें। दीपक, गुलाब की अगरबत्ती जलाएं। राधाकृष्ण की मूर्ति पर गुलाब का हार चढ़ाएं।

कन्या लग्न :

कन्या लग्न का कारक ग्रह गुरु होता है। ऐसे जातक निम्न उपाय करें- भगवान लक्ष्मीनारायण की आराधना करें। ग्यारह एकादशी में 17 प्रकार के फल, 7 प्रकार की विभिन्न दालें श्रद्धासहित हरिमंदिर यानी लक्ष्मीनारायण भगवान के आगे मंदिर में चढ़ानी चाहिए व एक घी का दीपक जलाना चाहिए।

तुला लग्न :

तुला लग्न का कारक ग्रह मंगल होता है। ये लोग निम्न उपाय करें-प्रथम मंगलवार का व्रत रखें। एक वक्त मीठे से भोजन करें। हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। लाल फूल, चमेली का तेल, चांदी का वर्क, अनार अर्पित करें। 21 मंगलवार तक भगवान शिव पर लाल चंदन का लेप तथा लाल चंदन मंदिर में दान करना चाहिए।

वृश्चिक लग्न :

वृश्चिक लग्न का कारक ग्रह शुक्र होता है। इनके उपाय इस प्रकार हैं-मछलियों को मिश्रीयुक्त उबले चावल चढ़ाएं। राधाकृष्ण के मंदिर में गुरुवार की शाम को सुगंधित इत्र चढ़ाएं। प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को भगवान शिव को सफेद सुंगधित पुष्प चढ़ाने चाहिए। शिवलिंग पर सफेद चंदन का लेप करें।

धनु लग्न :

धनु लग्न का कारक ग्रह बुध होता है। दाम्पत्य सुख के लिए जातकों को भगवान गणपति की आराधना करनी चाहिए। हर बुधवार 21 दुर्वा, सिंदूर की डब्बी व पांच लड्डू वर्क लगाकर गणोश मंदिर में अर्पण करें। बुधवार के दिन हरे वस्त्र पहनें। हरे वस्त्र व हरी चूड़ियां बुधवार को किन्नरों को दान करें।

मकर लग्न :

मकर लग्न का कारक ग्रह चंद्रमा होता है। इन जातकों को गौरीशंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार, प्रदोष, त्रयोदशी, सावन के सोमवार, इन शुभ योगों में धारण करें। चांदी का बना चंद्रमा यंत्र गंगा जल से पवित्र कर पूजा घर में रखें। हर पूर्णिमा पर गंगा जल से यंत्र को स्नान कराएं।

कुंभ लग्न :

कुंभ लग्न का कारक ग्रह सूर्य है। ऐसे जातक को प्रतिदिन सूर्य भगवान को तांबे के पात्र में जल चढ़ाना चाहिए। जल में सात बूंद गुलाब जल की डालें। तांबे का शुद्ध छेदवाला सिक्का शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार को लाल धागे में गले में धारण करें। पुरुष दाहिने हाथ की व स्त्रियां बाएं हाथ की रिंगफिंगर में ब्लू टोपाज रत्न पहनें।

मीन लग्न :

मीन लग्न का कारक ग्रह बुध होता है। इन जातकों को भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। बुधवार के दिन कन्याओं को हरे रंग के वस्त्र उपहार स्वरूप भेंट करें। सात अशोक वृक्ष के पत्ते शुक्ल पक्ष में सोमवार को घर के मंदिर में रखें। धूप-दीप से पूजा करें। मुरझाने पर नए पत्ते लाकर पुराने पत्तों को पीपल के नीचे रख दें।



डॉ. उर्वशी बंधु

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