Tuesday, December 8, 2009

9 मूलांक वाले करें हनुमान पूजन

अंक ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का जन्म किसी भी अंग्रेजी महीने की ९, १८, २७ तारीख को हुआ हो तो उसका मूलांक ‘९’ माना जाता है। इस अंक का स्वामी ग्रह मंगल है। यह शौर्य, आवेश और हिंसा का प्रतीक है।

स्वभाव : मनुष्य की मानसिक शक्ति भी ग्रहों और जन्म अंकों के अनुसार तय होती है। यही कारण है कि मूलांक ९ के अधीन जन्म लेने वाले मानसिक रूप से बहुत परिपक्व होते हैं। साहसी कार्यो को अंजाम देने में मूलांक ९ के जातकों से कोई स्पर्धा नहीं कर सकता।

ये क्रोधी, हठी स्वभाव के तथा बहादुर होते हैं। इनके स्वभाव में अक्खड़ता, जल्दबाजी तथा फुर्ती होती है। ये स्वतंत्र मन के होते हैं। इस स्वभाव के कारण इनके शत्रु अधिक बन जाते हैं।

स्वास्थ्य : इनका शरीर तगड़ा और फुर्तीला होता है, लेकिन अकस्मात तापमान बढ़ने और बुखार चढ़ने की प्रवृत्ति रहती है। दुर्घटनाओं का डर रहता है। ऐसे व्यक्ति उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी और पक्षाघात के भी शिकार हो सकते हैं।

व्यवसाय एवं कार्यो में रुचि : मूलांक ९ वाले व्यक्ति जोखिम, अनुशासन, शासन एवं तीक्ष्ण बुद्धि वाले रोजगारों एवं व्यवसायों में अधिक होते हैं। ये इंजीनियर, डॉक्टर, ड्राइवर, सर्जन, कैमिस्ट आदि पेशों में सफल रहते हैं। ये सफल प्रबंधक एवं अधिकारी होते हैं। पब्लिशिंग, प्रिंटिंग, टूरिज्म, थिएटर, लेक्चरर व चिकित्सा के क्षेत्र में भी सफल होते हैं।

आर्थिक स्थिति : मूलांक ९ वालों की आर्थिक स्थिति परिवर्तनशील होती है। आर्थिक मामलों में या तो भारी सफलता मिलती है या भारी विफलता। सभी प्रकार के व्यापार तथा सांगठनिक कार्यो से धन कमाने की योग्यता होती है।

प्रेम-संबंध, विवाह और संतान : मूलांक ९ वाले व्यक्ति के प्रेम संबंध स्थायी नहीं होते। ये सुशील, सुंदर व अधिक आज्ञाकारी जीवनसाथी चाहते हैं। गृहस्थ जीवन ठीक रहता है, परंतु क्रोधी स्वभाव के कारण घर में तकरार हो जाती है। ये विलासी प्रवृत्ति के होते हैं। संतानसुख सामान्य रहता है। यात्रा : मूलांक ९ वाले व्यक्ति सैर-सपाटे के शौकीन होते हैं। देश-विदेश में घूमते हैं। यात्रा से इनको लाभ भी होते हैं। ये हर वर्ग के लोगों से मिलना पसंद करते हैं।

शुभ रंग : मूलांक ९ वालों के लिए लाल और गुलाबी रंग शुभ है।

मित्र व शत्रु अंक : इनके लिए ३, ६, ९ मूलांक वाले लोग मित्र एवं ५ और ८ मूलांक वाले लोग शत्रु माने गए हैं।

शुभ तिथियां : मूलांक ९ वाले व्यक्ति के लिए ३,६,९,१२,१५,१८ और २७ तिथियां विशेष शुभ होती हैं।

शुभ दिन : रविवार, सोमवार, मंगलवार एवं गुरुवार शुभ दिन हैं।

गुरुमंत्र : मूलांक ९ वाले रक्तविकार से बचने के लिए उन पदार्थो को भोजन में सम्मिलित करें, जो रक्तशुद्धि में सहायक हों। मंगलवार को जानवरों को मीठी रोटियां खिलाएं और हनुमान जी की पूजा करें। प्रात:भ्रमण भी स्वास्थ्य के लिए उत्तम है। शुभ रत्न मूंगा है।

सविता शर्मा ‘संयम’

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