Saturday, November 21, 2009

परीक्षा में सफलता के सूत्र

हर विद्यार्थी वर्ष भर अपनी पढ़ाई में कठिन परिश्रम कर परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। अपने भाग्य और कड़ी मेहनत के बल पर ही कोई विद्यार्थी परीक्षा में श्रेष्ठ अंकों में उत्तीर्ण हो सकता है। शकुन शास्त्र के अनुसार परीक्षा में जाने से पूर्व बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए और मीठे दही में तुलसी का पत्ता मिलाकर उसका सेवन करना चाहिए। हर विद्यार्थी कुछ सामान्य उपाय करके शिक्षा के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। इन उपायों से अनुकूलता सिद्ध होगी।
* विद्यार्थियों को अध्ययन करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर की ओर रखना चाहिए।
* ब्रम्हा मुहूर्त में उठकर अध्ययन करने से विषय का ज्ञान लंबे समय तक विद्यार्थियों के जेहन में ताजा बना रहता है।
* कठिन विषय की पाठच्य पुस्तकों में गुरुवार के दिन मोरपंख रखें।
* जब आपका सूर्य स्वर (दायां स्वर) नासिका का चल रहा हो, तब कठिन विषय का अध्ययन करें तो वह शीघ्र याद हो जाएगा।
* ब्राम्ही का सेवन करने वाले विद्यार्थी परीक्षा में सफल होते हैं।
* जिन विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्तर भूल जाने की आदत हो, उन्हें परीक्षा में अपने पास कपूर और फिटकरी रखनी चाहिए। यह नकारात्मक ऊर्जा को हटाते हैं।
* स्वर शास्त्र के अनुसार जो स्वर चल रहा हो, परीक्षा के लिए जाते हुए वही पैर घर से निकालें। इसी प्रकार परीक्षा कक्ष में प्रवेश करते समय भी चल रहे स्वर का ध्यान रखकर प्रवेश करें। इससे अनुकूलता सिद्ध होगी और सफलता मिलेगी।
गणोश जी का स्मरण करें
भगवान गणोशजी को हर बुधवार के दिन दूर्वा चढ़ाने से बच्चों में कुशाग्र बुद्धि विकसित होती है।
मां सरस्वती का आह्वान करें
अपनी जिह्वा को तालु में लगाकर मां सरस्वती के बीज मंत्र ‘ऐं’ मंत्र का जाप करने से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है तथा विद्या-बुद्धि में वृद्धि होती है।
दिन शुभ व्यतीत होगा
परीक्षा में जाने से पूर्व मीठे दही पर तुलसी के पत्ते रखकर ग्रहण करके घर से निकलें।

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