Monday, November 23, 2009

गृह निर्माण के लिए शुभ मार्गशीर्ष और पौष - डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू

मार्गशीर्ष और पौष मास में नया घर बनवाना शुभ है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में जिन मासों को गृह निर्माण के लिए शुभ माना गया है, उनमें इन गृह निर्माण के लिए शुभ मार्गशीर्ष और पौषदोनों मास को धन-धान्य के भंडार को भरा रखने वाला बताया गया है। स्थायी आवास बनवाने में मास विचार को अपरिहार्य किया गया है। पूर्वकाल में मार्गशीर्ष या अगहन मास को गृहारंभ के लिए शुभ कहा गया, वराहमिहिर ने 580 ई. में पहली बार पौष को भी गृहारंभ के लिए प्रशस्त बताया था।
आचार्य जिनदत्त सूरि कृत विवेक विलास, सूत्रधार मंडन कृत राजवल्लभ, श्रीपति कृत ज्योतिष रत्नमाला और दैवज्ञवल्लभ आदि ग्रंथों में गृह, देव प्रासाद, यज्ञशाला अन्य शालागृह के निर्माण के लिए मार्गशीर्ष व पौष को शुभ कहा गया है। मार्गशीर्ष व पौष में गृहारंभ करने से उस घर में हमेशा वैभव रहता है। वास्तुप्रदीप में मार्गशीर्ष को बहुत धन लाभ देने वाला मास कहा गया है। इसके बाद माघ में गृहारंभ करने से अग्निकांड की आशंका रहती है। लोक मान्यताओं के चलते कतिपय क्षेत्रों में धनु या मलमास को टाला जाता है, किंतु शास्त्रों में इसका निषेध नहीं है। इस कार्य में प्रचलित नाम राशि को ही प्राथमिकता देने का विधान है। बुध, गुरु, शुक्र व शनि की होरा प्रशस्त है।
सामान्यत: गृहारंभ के लिए 2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 13 और पूर्णिमा तिथियां और वारों में सोम, बुध, गुरु, शुक्र और शनिवार ग्राह्य हैं। नक्षत्रों में रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, हस्त, स्वाति, अनुराधा, तीनों उत्तरा, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती व पुष्य शुभ हैं किंतु वे वेधरहित हों और लग्नों में पहला, तीसरा, पांचवां, छठवां, आठवां, ग्यारहवां व बारहवां लग्न शुभ है। लग्न से त्रिकोण में शुभ ग्रह हो तथा तीसरे, छठवें, ग्यारहवें स्थान में पापग्रह और आठवां स्थान शुद्ध देखना चाहिए।
भूमि परीक्षण : गृह निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व भूमि परीक्षण करना बहुत अच्छा है। जहां कार्य प्रारंभ करना हो, वहां एक हाथ लंबा-चौड़ा और एक हाथ ही गहरा गड्ढा खोदें और कुछ देर बाद उसमें से निकाली गई मिट्टी को पुन: उसी में भरें। यह ध्यान दें कि यदि निकली हुई सारी मिट्टी उस गड्ढे में आने से बच जाए तो वह भूमि और वहां पर गृह लाभदायक, वृद्धिकारक रहेगा और यदि मिट्टी कम पड़ जाए या गड्ढा उसी मिट्टी से पूरा नहीं भरे तो घाटे का सौदा रहेगा।

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